अजित गुप्ता का कोना

साहित्‍य और संस्‍कृति को समर्पित

Archive for February 4th, 2018

एकला चलो रे

रवीन्द्र नाथ टैगोर ने हम सबको सिखा दिया कि – एकला चलो रे! हमें भी लगा कि बात तो ठीक है, दुनिया की किच-किच से अच्छा है एकला चलो रे। लेखन ही ऐसा माध्यम हमें समझ आया जिसमें एकला चलो रे, का उद्घोष हम कर सकते थे और फिर रवीन्द्र बाबू तो लेखक के नाते […]

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