अजित गुप्ता का कोना

साहित्‍य और संस्‍कृति को समर्पित

Archive for the 'Uncategorized' Category

साम्प्रदायिकता बिल में और राष्ट्रवाद परचम में

मेरे देश में साम्प्रदायिकता कहीं खो गयी है, मैं उसे हर बिल में खोज चुकी हूँ, गली-मौहल्ले में भी नहीं मिली, आखिर गयी तो गयी कहाँ? यह तो छिपने वाली चीज थी ही नहीं, देश की राजनीति में तो यह शाश्वत बन गयी थी! भला ऐसा कौन सा चुनाव होगा जब यह शब्द ही ब्रह्मास्त्र […]

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तीन पीढ़ी की माँ

आज सुबह से ही मन अपने अन्दर बसी माँ को ढूंढ रहा है। ढूंढते-ढूंढते कभी अपनी माँ सामने खड़ी हो जाती है, कभी अपनी बेटी सामने होती है तो कभी अपनी बहु सामने आ जाती है। तीन पीढ़ियों की तीन माँ की कहानी मेरे अन्दर है। एक माँ थी जिसे पता ही नहीं था कि […]

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गाँधीजी का देश के साथ झूठ का प्रयोग!

सत्य के प्रयोग – गाँधी इन्हीं प्रयोगों के नाम से प्रसिद्ध हैं। वे सत्य के प्रयोग अपने ऊपर करते रहे लेकिन वे देश के ऊपर झूठ के प्रयोग कर बैठे। मैं गाँधी की प्रशंसक रही हूँ लेकिन जब गाँधी उपनाम को लेकर चर्चा चली तब एक बात ध्यान में आयी कि यह गाँधीजी का उपनाम […]

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यह ब्लेकमेलिंग नहीं तो क्या है?

यह ब्लेकमेलिंग नहीं तो क्या है? खुले आम हो रही है ब्लेकमेलिंग, सबसे ज्यादा मीडिया कर रहा है ब्लेकमेलिंग। कई दिन पुराना साक्षात्कार कल सुना, मीडिया की एक पत्रकार मोदीजी से प्रश्न करती है कि आपने मुस्लिमों के लिये क्या किया, क्यों आपसे मुस्लिम दूरी बनाकर रखते हैं? मोदीजी ने उत्तर दिया – एक घटना […]

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देगची खदबदा रही है, फूटने का इंतजार भर

सेकुलर बिरादरी और मुस्लिम बुद्धिजीवी दोनों ही होच-पोच होने लगे हैं। अन्दर ही अन्दर देगची में ऐसा कुछ पक रहा है जिससे इनकी नींद उड़ी हुई है। महिलाएं आजाद होने की ओर कदम बढ़ाने लगी हैं। कभी तीन तलाक सुर्खियों में आता है तो कभी बुर्का! पुरुषों का अधिपत्य पर पत्थर फेंकना ही बाकी रह […]

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