अजित गुप्ता का कोना

साहित्‍य और संस्‍कृति को समर्पित

Archive for the 'Uncategorized' Category

हमने देखा नाग-लोक

माया-सभ्यता, नाग-लोक जैसे नाम हम बचपन से ही सुनते आए हैं। तिलस्मी दुनिया का तिलस्म हमारे सर चढ़कर बोलता रहा है। चन्द्र कान्ता संतति सका सबस् बड़ा उदाहरण है। लेकिन कल माया-सभ्यता और नाग-लोक को देखकर आँखें विस्फारित होकर रह गयी! माया-सभ्यता और नाग-लोक मिला भी तो कहाँ – अमेरिका में! डिस्कवरी चैनल पर ग्वाटेमाला […]

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एक पक्षी की कुटिया

अपने आसपास से इतर आखिर दुनिया क्या है? हमारी सोच से परे आखिर दुनिया की सोच क्या है? दुनिया देखने के लिये झोला लेकर, दुनिया की सैर तो नहीं की जा सकती है बस टीवी ही हमें दुनिया दिखा देती है। मनुष्यों की दुनिया कमोबेश एक जैसी है, वही सत्ता का संघर्ष, वही अहंकार का […]

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खिलौनों का संसार

अमेरिका में हम एक परिवार से मिलने गये, कुछ देर में ही बात चल पड़ी खिलौनों पर! वे आपस में पूछ रहे थे कि तुम्हारे बच्चे के पास कौन सा खिलौना है? अभी नया खिलौना जो बाजार में आया है, वह खरीदा है या नहीं! मैं आश्चर्यचकित थी कि खिलौने भी आपके रहन-सहन की सीमा […]

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घौंसला बनाता नर-बया

शाम को घूमने का एक ठिकाना ढूंढ लिया है, एक ऐसा गाँव जहाँ पर्याप्त घूमने की जगह है। जहाँ जंगल भी है, और जंगल है तो पक्षी भी हैं। नाना प्रकार की चिड़ियाएं हैं जिनकी चींचीं से हमारा मन डोलता रहता है। काश हम इनकी भाषा समझ पाते! हम देख रहे हैं एक पेड़, जहाँ […]

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हम ऊर्जा कहाँ से लेते हैं?

कल माँ और बेटे के बीच हुई रोचक बात सुनिये। परिवार की बात नहीं है ना ही सामाजिक है, विज्ञान की बात है। लेकिन आप सभी को पढ़ लेनी चाहिये और अपनी राय भी देनी चाहिये जिससे यह बात आगे बढ़े। तो सुनिये – कल ही समाचार पत्र में एक समाचार प्रकाशित हुआ था कि […]

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