अजित गुप्ता का कोना

साहित्‍य और संस्‍कृति को समर्पित

Archive for the 'Uncategorized' Category

बैताल को ढोता विक्रमादित्य

मेरे अन्दर मेरी अनूभूति को समेटने का छोटा सा स्थान है, वह शीघ्र ही भर जाता है और मुझे बेचैन कर देता है कि इसे रिक्त करो। दूध की भगोनी जैसा ही है शायद यह स्थान, जैसे ही मन की आंच पाता है, उफन जाता है और बाहर निकलकर बिखर जाता है। मैं कोशिश करती […]

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बता तू किसका भूत है?

आज सुबह मैं वेन्टीलेटर पर जाते-जाते बची! अभी ढंग से मुँह धोया भी नहीं था कि आदतन अखबार तलाशने के लिये निकल पड़ी, अखबार को हाथ में लेते ही लगा कि अब साँस रूकी और अब साँस रूकी। अखबार के हर पन्ने में हाहाकार था, कहीं रोहिंग्या मुसलमानों की घुसपैठ थी तो कहीं केमिकल युद्ध […]

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स्त्री पूर्ण पवित्र है, हर पल पवित्र है

कल एक और फैसला आया लेकिन पुरुषों ने इसपर ज्यादा तूफान नहीं मचाया। क्यों नहीं मचाया? क्योंकि इन्हें लगा कि यह मामला केवल सबरीमाला मन्दिर में महिलाओं के प्रवेश का है तो हमें क्या? लेकिन यह मामला केवल मन्दिर में प्रवेश का नहीं है। यह मामला है महिला की पवित्रता का। ना जाने कब से […]

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बिना मालिक के भी कोई जीवन है?

हाय रे हाय, कल मुझसे मेरा मालिक छिन गया! कितना अच्छा तो मालिक था, अब मैं बिना मालिक के कैसे गुजरा करूंगी? मेरी आदत मालिक के पैरों में लौटने की हो गयी थी, उसकी जंजीर से बंधे रहने की आदत हो गयी थी। मैं किताब हाथ में लेती तो मालिक से पूछना होता, यदि कलम […]

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पाकिस्तान की ये सुन्दर लड़कियां क्या संदेश दे रही हैं?

अभी एशिया कप क्रिकेट हो रहा है, स्थान है संयुक्त अरब अमीरात। दुबई के प्रसिद्ध स्टेडियम पर मैच चल रहा है, कैमरामैन रह-रहकर पाकिस्तानी सुन्दर लड़कियों पर सभी का ध्यान खींचता है। लोग सी-सी कर उठते हैं, कोई कह रहा है कि ये हमारे मुल्क में क्यों नहीं हुई, कोई कह रहा है कि काश […]

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