अजित गुप्ता का कोना

साहित्‍य और संस्‍कृति को समर्पित

Archive for the 'Uncategorized' Category

दरबार में कितने रत्न?

बिना घुमावदार घाटियों पर घुमाए अपनी  बात को सीधे ही कहती हूँ, एक टीवी सीरीयल आ रहा है – चन्द्रगुप्त मौर्य, उसमें चाणक्य है, धनानन्द है और हैं चन्द्रगुप्त। इतिहास की दृष्टि से विवादित है लेकिन एक बात जिसने मेरा ध्यान खेंचा और लिखने पर मजबूर किया वह है – चन्द्रगुप्त 15 वर्षीय युवक है, […]

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काश हम एक नहीं अनेक होते

काश हम एक ही नहीं होते तो कम से कम सुरक्षित तो रहने की सम्भावनएं बनी रहती। अभी भी कुछ टुकड़े हो जाएं तो बचाव का मार्ग बचा रह सकता है नहीं तो सारा हिन्दुस्थान नाम लेने को भी नहीं बचेगा।

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शेष 20 प्रतिशत पर ध्यान दें

40 प्रतिशत इधर और 40 प्रतिशत उधर, शेष 20 प्रतिशत या तो नदारद या फिर कभी इधर और कभी उधर। सत्ता का फैसला भी ये ही 20 प्रतिशत करते हैं, ये सत्ता की मौज लेते रहते हैं। सत्ताधीशों को अपने 40 प्रतिशत को तो साधे रखना ही होता है लेकिन साथ में इन 20 प्रतिशत […]

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भिखारी परायों के दर पर

आर्कमिडीज टब में नहा रहा था, अचानक वह यूरेका-यूरेका बोलता हुआ नंगा ही बाहर भाग आया, वह नाच रहा था क्योंकि उसने पानी और वस्तु के भार के सिद्धान्त को समझ लिया था, न्यूटन सेव के पेड़ के नीचे बैठा था, सेव आकर धरती पर गिरा और उसने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धान्त को समझ लिया था। […]

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खाई को कम करिये

लो जी चुनाव निपट गये, एक्जिट पोल भी आने लगे हैं। भाजपा के कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवीयों की नाराजगी फिर से उभरने लगी है। लोग कहने लगे हैं कि इतना काम करने के बाद भी चुनाव में हार क्यों हो जाती है? चुनाव में हार या जीत जनता से अधिक कार्यकर्ता या दल के समर्थक दिलाते […]

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