अजित गुप्ता का कोना

साहित्‍य और संस्‍कृति को समर्पित

Archive for the 'Uncategorized' Category

अभी तोते आजाद हैं

फतेहसागर की पाल पर खड़े होकर आकाश में विचरते पक्षियों का कलरव सुनने का आनन्द अनूठा है, झुण्ड के झुण्ड पक्षी आते हैं और रात्रि विश्राम के स्थान पर चले जाते हैं। कल मैंने ध्यान से देखा, तोते ही तोते थे, हजारों की संख्या में तोते स्वतंत्र होकर उड़ रहे थे। हम तो सुनते आए […]

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31 रूपये में क्या नहीं आता?

हाथ में टीवी का रिमोट होना ही महसूस करा देता है कि घर की सत्ता हमारे हाथ में है। कभी घर की दादी पूजा कर रही होती थी, पूजा की घण्टी बजाते-बजाते भी निर्देश देती थी कि बहू दूध देख लेना, कहीं उफन ना जाए, पोते को कहती कि बेटा जरा मेरा चश्मा पकड़ा जाना, […]

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हे मोदी! साँपों को सुड़क जा

घर में यदि छिपकली आ जाए तो हड़कम्प मच जाता है, मानो दुश्मन का सिपाही ही घर में घुस आया हो! कल ऐसा ही हुआ, हड़कम्प तो नहीं मचा क्योंकि बहादुर युवा पीढ़ी घर में नहीं है, बस हम ही पुरातनपंथी लोग रहते हैं। आजकल नूडल्स का बड़ा फैशन है और वह भी उसके खाने […]

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चूहा भाग – बिल्ली आयी

खबरे आ रही हैं कि लोग भाग रहे हैं, जहाँ सींग समाए वहीं भाग रहे हैं। उत्तर से दक्षिण तक की दौड़ लगाने की योजना है, बस छिपने की जगह मिल जाए। चूहे के पीछे बिल्ली पड़ी है, बिल्ली झपट्टा मारने को तैयार है। चूहे के गाँव में पहले कभी बिल्ली नहीं आयी, चूहा निर्भीक […]

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मोदी ने वास्तव में बर्बाद कर दिया

दिल बार-बार रस्सी तोड़कर भागने की कोशिश कर रहा है, कभी कहता है कि यह लिख और कभी कहता है कि वह लिख! चारों तरफ विषय बिखरे पड़े हैं लेकिन सारी मशक्कत बेकार सी लग रही है। ऐसा लग रहा है जैसे किसी भरे पेट वाले के सामने भोजन परोसने का प्रयास किया जा रहा […]

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