अजित गुप्ता का कोना

साहित्‍य और संस्‍कृति को समर्पित

Archive for the 'Uncategorized' Category

तुम हर क़ानून से बड़े हो

बधाई! देश के उन सभी देशवासियों को बधाई जो स्वयं को किसी दायरे में बाँधने को कभी तैयार नहीं है। मोदीजी फ़िट मूवमेंट चलाते हैं और हम रस्सी तोड़कर भागने का जुगत बिठा लेते हैं। मोदीजी क़ानून बना देते है कि सड़क पर ग़ाडी दौड़ाने के लिये नियमों का पालन करना पड़ेगा नहीं तो हर्ज़ाना देना होगा। […]

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तेरा पैसा + मेरा पैसा नहीं तो मंदी

मेरा पैसा तेरे पास कैसे पहुँचे और लगातार पहुँचता ही रहे, इस चाल को कहते हैं आर्थिक आवागमन। जैसे ही मेरा पैसा मैंने अपने पास रोक लिया तो कहते  हैं कि मंदी आ गयी, मंदी आ गयी। जयपुर में एक बड़ा बाँध हुआ करता था – रामगढ़। सारे जयपुर की जीवनरेखा। जब रामगढ़ भरता था […]

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मोदी ट्रम्प को धौल जमा रहे हैं!

तुम्हारे पास क्या है? मोदी पूछ रहे थे! हमारे पास स्वर्ग जैसे देश हैं, हम पूर्ण विकसित हैं। अमेरिका, फ्रांस सरीखे विकसित देश बता रहे थे और फिर प्रतिप्रश्न करते हैं कि तुम्हारे  पास क्या है? भारत देश के लोग कहते हैं कि हमारे पास कृष्ण हैं! एक तरफ सात देश साथ खड़े थे, दुनिया […]

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नेहरू और पाकिस्तान का हव्वा-हव्वा का खेल

यह जो डर होता है ना, वह हमें चैन से रहने नहीं देता। डर ही है जो हमें ऐसे-ऐसे काम कराता है जिसकी हम कल्पना तक नहीं करते। बच्चे को हम डराते हैं कि चुप हो जा, नहीं तो हव्वा आ जाएगा! हव्वे का डर बच्चे के दीमाग में बैठ जाता है और बड़ो को […]

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भागते रहो

कल एक पुराने मित्र घर आए, ताज्जुब भी हुआ कि इतने दिनों बाद! लेकिन मित्र कब बिना बात नाराज हो जाते हैं और कब रास्ता भटककर वापस आ जाते हैं, कौन बता सकता है! खैर मेरी पोस्ट का तात्पर्य और कुछ है तो उसी बिन्दू पर चलते हैं। कहने लगे कि फला व्यक्ति पर मुझे […]

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